1-Shreemad Bhagwat Katha at Daulatpur Kathond Jalaun Uttar Pradesh | 16-May-2018 to 22-May-2018.      2- Shreemad Bhagwat Katha at Brahmanpuri Fatehpur 2-Septempber-2018

Shree Radha Krishna Seva Sansthan


आचार्य हर नारायण जी महाराज का जन्म ब्रह्मवर्त पुण्य क्षेत्र के कमालपुर ग्राम कानपुर देहात में 18 मई सन् 1969 को ब्राह्मण परिवार में हुआ | इन्होंने स्नातक तक की शिक्षा कानपुर यूनिवर्सिटी से प्राप्त किया |

युवावस्था में अपने गाँव में फैले अनाचार और अधार्मिकता ने इनके हृदय पर गहरा प्रभाव डाला |

लोगों में धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने एवं सद्मार्ग पर लाने के लिए प्रतिवर्ष विशाल यज्ञ का आयोजन शुरू कराया और लोगों को धार्मिक वृत्ति से जुड़कर शांति का माहौल बनाया | उनके इस कार्य से प्रभावित होकर ब्रह्मवर्त क्षेत्र के परम महर्षि संत पंडित शिवकुमार शास्त्री जी ने इन्हें शिष्य रूप में अपनाया तथा अपने सैकड़ों शिष्यों के बीच प्रमुख स्थान दिया | कालांतर में गुरु के इच्छा अनुसार कानपुर के नदिहा नामक स्थान पर एक विशाल मंदिर “ श्री कौशल किशोर धाम “ का निर्माण कराया तथा प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की | उनके द्वारा समाज के लिए किए गए प्रत्येक कार्य में फतेहपुर ( उत्तर प्रदेश ) के परम संत श्री बच्चा जी महाराज का विशेष संबल मिलता है |

परम पूज्य गुरुदेव पंडित शिवकुमार शास्त्री जी की इच्छा थी की भगवान की कथा समस्त सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक बंधनों को तोड़कर जन-जन तक पहुंचे | उनके इस लक्ष्य को आज आचार्य जी जनमानस मे सफलतापूर्वक पहुंचा रहे हैं |

ओजपूर्ण भाषा शैली से धर्म के मूल स्वरूप का व्याख्यान कथा प्रसंगों के आध्यात्मिक एवं सामाजिक पक्ष से लोगों को जीवन शैली को जोड़ना ही इनकी विशेषता है |

संस्था के उद्देश्य :-
1-विश्व स्तर पर सनातन धर्म का प्रचार एवं प्रसार करना |
2-मानवीय मूल्यों की स्थापना करना |
3-संस्था द्वारा गौ सेवा करना |
4-असहाय गरीब कन्याओं का नि:शुल्क विवाह करवाना |
5-गरीब असहाय विद्यार्थियों की शिक्षा का प्रबंध करना |
6-असहाय व बेघर की सेवा करना |
7-पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार कल्याण, स्वास्थ्य कल्याण, टीकाकरण, वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण, पुष्टाहार, जनसंख्या नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, सामाजिक, वानिकी, हरियाली कार्यक्रम, दहेज उन्मूलन, वेश्यावृत्ति उन्मूलन, ऊसर बंजर भूमि सुधार, बागवानी विकास, वैकल्पिक ऊर्जा विकास, पशु पक्षी संरक्षण, गौ संरक्षण, गौशाला आदि पर जनसेवा सेवार्थ कार्यक्रमों का आयोजन एवं संचालन करना |
8- वृक्षारोपण कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार एवं पर्यावरण प्रदूषण निवारण हेतु हर संभव प्रयास करना |
9- गरीब एवं बेसहारा लड़कियों की सामूहिक विवाह की व्यवस्था करना व दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूक करना |
10- गौशाला बनवाना एवं जीर्णोंद्वार कराना |
11-प्राणियों के कल्याण व समग्र विकास के लिए कार्य करना | वसुधैव कुटुंबकम की भावना जागृत करना, सांस्कृतिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक, धार्मिक, चारित्रिक, आध्यात्मिक विकास के लिए हर संभव प्रयास करना |
12- पशुओं की सेवार्थ कार्यक्रमों को चलाना |